हसरत थी दिल में की किसी नेक इंसान से मुलाकात हो जाये,
हर डगर हर नगर पे यूँही दुआ सलाम हो जाये,
चार बाते दिल की वो कह जाये मन से दो मीठे बोल वो ले जाये हम से,
कभी जो टकराए राह में कभी तो बस,
इन होठो में फिर एक मुस्कान संभल जाये,
ऐ रब बनाना मेरे वजूद को ऐसा की,
कभी कोई मुझसे नजर चुरा न जाये,
भर कोहली एक दूजे से मिले हम यूँ की,
दो जिस्म एक जान हो जाये.....
-सोलंकी मैंडी
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