अनकही
अभिव्यक्ति अनकहे विचारों की.....
Tuesday, February 7, 2012
नमी
उस बारिस में भी वो नमी नहीं थी अब जो नमी मेरी पलकों पे है
वो तडप उस दर्द में न थी अब जो तड़प उसके छूने में है
-सोलंकी मैंडी
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