अनकही
अभिव्यक्ति अनकहे विचारों की.....
Tuesday, February 14, 2012
दीदार
बहुत वक्त गुजर गया उन टिमटिमाते तारो को फलक पे देखे,
सोचता हूँ आज रात उन्ही का दीदार कर लू.....
-सोलंकी मैंडी
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