Saturday, May 12, 2012

कुछ बातें

कुछ बाते दिल ही में रहने दो तो अच्छा है ,
रुके हुए लम्हों को रोके रखो तो अच्छा है,
न आएगे ये पल फिर लौट कर ,इन पलो को थामे रखो तो अच्छा है,
हर चेहरे पे हंसी नही खिलती, इस मुस्कराहट को सजाये रखो तो अच्छा है ,
कुछ पल होते है जिंदगी के बेहतर ,इन पलों को जो जी लो तो अच्छा है,
खुद को मशरूफ रखो चाहे जितना ,खुद के लिए कुछ कर लो जो तो अच्छा है,
बाते गहरी हो चाहे जितनी ,उन्हें दिल ही में रहने दो तो अच्छा है..... 
-सोलंकी मैंडी

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