लोग पूछते, क्या आज भी तुम्हे उससे प्यार है?
मैंने कहा नही,
पर सच तो ये है की सीने में प्यार उसके लिए दबा है कही,
लाख झुठला लूँ पर,
कभी न कभी उसके लिए ही दिल धड़कता है अभी,
दिल को बहला लूँ जितना भी,
बावरा है ये उसी के लिए हरदम मचलता है अभी,
वो दूर है मुझे अब,
पर हर मोड़ पर उसी के लिए बार बार चलता हूँ अभी,
बोझ बहुत है,
पर उसी की यादो को ढो रहा अभी,
कुछ खामोश सा बैठा हूँ,
पर उस खामोशी में उसी की बातो को सुन रहा हूँ अभी,
कुछ जिन्दा हूँ,
पर कही न कही उसी पे मर रहा हूँ अभी,
लोग पूछते, क्या आज भी तुम्हे उससे प्यार है?
मैंने कहा नहीं,
कुछ ही देर पहले यादो की चिता जला चुका हूँ अभी |
-सोलंकी मैंडी
-सोलंकी मैंडी
No comments:
Post a Comment