किस्मत कहा बदलती है वक्त बदल जाते है,
चलते हुए राह में हम सफर बदल जाते है,
चुन लेता है कोई न कोई एक दूजे को,
फिर राह में ही सफर शुरू हो जाते है,
मिलते है दो विचार एक दूजे से आकर और नए रिस्तो में बदल जाते है,
सफर खत्म हो जाता है युही और पैरों के निशान रहा जाते है.....
-सोलंकी मैंडी
-सोलंकी मैंडी
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